भिवानी, 01 अप्रैल : बिना मुवावजा दिए और जबरदस्ती किसानोंं के खेेेतोंं मेें पॉवर ग्रिड के बड़े-बड़े पोल लगाने के मामला एक बार फिर से चर्चा में है। इसी मामले में रविवार 4 अप्रैल को सुबह 10 बजे गांव निमड़ीवाली के पंचायत घर में जिला स्तरीय किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस मामले में किसानों का आरोप है कि बिना मुआवजा दिए आधे-आधे एकड़ में पोल लगाए जा रहे हैं, किसान यदि पोल लगाने के लिए मना करते है तो ग्रिड कर्मचारी पुलिस से किसानों की पिटाई करवाते हैं। भाकियु जिला प्रधान राकेश आर्य ने बताया कि कल हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारी करीबन 100 पुलिस कर्मचारियों को साथ बिना सुचना दिए गांव नीमडी़ वाली स्थित उनके खेतो मे तीन टावर लगाने के लिए आए। जेसीबी की आवाज सुनकर खेत में सरसो की लावणी कर रही उनकी बहन व भाभी पहुंची तथा जेसीबी के बारे मे पता किया तो एसडीओ नरेश मोर तथा उनके साथी कर्मचारियों ने बदतमीजी की। जिसके बाद उनकी बहन ने उन्हें आवाज लगाई जो टयुबवैल पर पानी लेने गए थे , तब वे कुछ कागजात लेकर पहुचे और डयुटी मजिस्ट्रेट के बारे में पता करके ऊनसे बात करने लगे तथा नियमों के अनुसार कार्य करने की अपील की। राकेश आर्य ने बताया कि उसके बाद एसडीओ नरेश मोर तथा उनके सहयोगी कर्मचारियों व पुलिस के 4-5 कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की व जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि जिसके बाद चक्कर व ऊल्टी आने पर घर वालो ने सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उनका ईलाज चल रहा हैं। राकेश आर्य ने कहा कि हरियाणा बिजली वितरिण निगम की इस हरकत से किसानों में भारी रोष है। राकेश आर्य ने बताया कि उनके स्वयं के खेत में 15 टॉवर व खेत के बीचों-बीच तार डाली जा चुकी हैं। वहीं किसान नेता करतार गिल ने कहा कि इस मामले में रविवार 4 अप्रैल को सुबह 10 बजे गांव निमडी़वाली के पंचायत घर मे जिला स्तरीय किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा। ध्यान रहे कि जिला में पावर ग्रिड व हरियाणा बिजली वितरण निगम की आधा दर्जन लाईनें आ रही है जो प्राइवेट कंपनियों की हैं और किसानों के पास 1-2 ऐकड़ जमीन बची है अगर उस पर ये टावर खड़े कर दिए जाते हैं तो किसानों के पास खेती करने लायक जमीन भी नहीं बचेगी। गौरतलब है कि पोल लगाने के बदले किसान को कोई मुआवजा भी नही दिया जा रहा है।भिवानी, 01 अप्रैल : बिना मुवावजा दिए और जबरदस्ती पॉवर ग्रिड के बड़े-बड़े पोल लगाने के मामला एक बार फिर से चर्चा में है। इसी मामले में रविवार 4 अप्रैल को सुबह 10 बजे गांव निमड़ीवाली के पंचायत घर में जिला स्तरीय किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस मामले में किसानों का आरोप है कि बिना मुआवजा दिए आधे-आधे एकड़ में पोल लगाए जा रहे हैं, किसान यदि पोल लगाने के लिए मना करते है तो ग्रिड कर्मचारी पुलिस से किसानों की पिटाई करवाते हैं। भाकियु जिला प्रधान राकेश आर्य ने बताया कि कल हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारी करीबन 100 पुलिस कर्मचारियों को साथ बिना सुचना दिए गांव नीमडी़ वाली स्थित उनके खेतो मे तीन टावर लगाने के लिए आए। जेसीबी की आवाज सुनकर खेत में सरसो की लावणी कर रही उनकी बहन व भाभी पहुंची तथा जेसीबी के बारे मे पता किया तो एसडीओ नरेश मोर तथा उनके साथी कर्मचारियों ने बदतमीजी की। जिसके बाद उनकी बहन ने उन्हें आवाज लगाई जो टयुबवैल पर पानी लेने गए थे , तब वे कुछ कागजात लेकर पहुचे और डयुटी मजिस्ट्रेट के बारे में पता करके ऊनसे बात करने लगे तथा नियमों के अनुसार कार्य करने की अपील की। राकेश आर्य ने बताया कि उसके बाद एसडीओ नरेश मोर तथा उनके सहयोगी कर्मचारियों व पुलिस के 4-5 कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की व जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि जिसके बाद चक्कर व ऊल्टी आने पर घर वालो ने सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उनका ईलाज चल रहा हैं। राकेश आर्य ने कहा कि हरियाणा बिजली वितरिण निगम की इस हरकत से किसानों में भारी रोष है। राकेश आर्य ने बताया कि उनके स्वयं के खेत में 15 टॉवर व खेत के बीचों-बीच तार डाली जा चुकी हैं। वहीं किसान नेता करतार गिल ने कहा कि इस मामले में रविवार 4 अप्रैल को सुबह 10 बजे गांव निमडी़वाली के पंचायत घर मे जिला स्तरीय किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा। ध्यान रहे कि जिला में पावर ग्रिड व हरियाणा बिजली वितरण निगम की आधा दर्जन लाईनें आ रही है जो प्राइवेट कंपनियों की हैं और किसानों के पास 1-2 ऐकड़ जमीन बची है अगर उस पर ये टावर खड़े कर दिए जाते हैं तो किसानों के पास खेती करने लायक जमीन भी नहीं बचेगी। गौरतलब है कि पोल लगाने के बदले किसान को कोई मुआवजा भी नही दिया जा रहा है।
बिना मुवावजा दिए जबरदस्ती खेतों में पोल लगाने का मामला फिर से चर्चा में।
